June 24, 2024
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Ram mandir के लिए शिला भेजी तो जुर्माना भरो

कर्नाटक के मैसुरु के हरोहल्ली-गुज्जेगौदानपुरा गाँव का अयोध्या से क्या सीधा संबंध हो सकता है? दरअसल यह वह गांव है जहां की कृष्ण शिला अरुण योगीराज को पसंद आई और यहां से भेजी गई शिला से ही श्रीराम का वह विग्रह तैयार किया गया जो 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर में प्राणप्रतिष्ठित किया गया. जिन दलित किसान रामदास के खेत से इस शिला को लिया गया उन्होंने अपनी भूमि का एक बड़ा हिस्सा ही राममंदिर के लिए दान कर दिया और इस राममंदिर का शिलान्यास उसी दिन हुआ जिस दिन अयोध्या में रामलला की स्थापना हुई. दरअसल कर्नाटक से आई इस शिला के बाद राज्य में राजनीति भी तेज हो गई और विरोधियों ने यह तक तलाश निकाला कि जो शिला निकालकर अयोध्या पहुंचाई गई है उसके ठेकेदार के पास इस बात के लिए सही लाइसेंस नहीं था, सरकारी विभाग ने भी बिना देर किए ठेकेदार पर रामदास के खेत से शिला अयोध्या पहुंचाने वाले ठेकेदार श्रीनिवास पर जुर्माना लगा डाला. श्रीनिवास ने अपनी पत्नी के गहने गिरवी रख जुर्माना भरा लेकिन जब यह बात फैली तो श्रीनिवास तक अच्छी सहायता पहुंच गई लेकिन अभी इस पर राजनीति थम गई हो ऐसा नहीं है. अभी श्रीनिवास और रामदास, दोनों ही विरोधियों के निशाने पर हैं, यह अलग बात है कि दोनों ही को आम लोगों का भरपूर समर्थन हासिल हो रहा है.