February 24, 2024
राष्ट्रीय

national herald राहुल और सोनिया की कंपनी की संपत्तियां जब्त

नेशनल हेराल्ड केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 752 करोड़ की संपत्तियाँ ईडी ने जब्त कर ली हैं जो एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड और मेसर्स यंग इंडियन के पास थीं. इसमें एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की संपत्ति की कुल कीमत 661.69 करोड़ रुपए बताई गई है, जो दिल्ली, लखनऊ और मुम्बई जैसे शहरों में हैं. वहीं, मेसर्स यंग इंडियन की संपत्ति की कीमत 90.21 करोड़ रुपए मानी जा रही है जो शेयर्स बतौर उपलब्ध है. इस तरह कुल 751.9 करोड़ की संपत्ति जब्त की है. ईडी इस काार्रवाई से पहले राहुल गांधी और सोनिया, दोनों से पूछताछ कर चुकी है. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरु की थी जिसमें अदालत ने पाया था कि यंग इंडियन सहित सात आरोपितों ने प्रथम दृष्टया धारा 406, 420 , 403 और 120 बी के तहत अपराध के मामले बन सकते हैं. आरोपितों ने प्लानिंग के तहत यंग इंडियन के माध्यम से एसोसिएटेड जर्नल्स कीमती जमीनी संपत्तियों को हड़पने की साजिश रची थी जो एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को अखबार प्रकाशित करने के उद्देश्य से विभिन्न शहरों में रियायती दरों पर मिली थी. 2008 में प्रकाशन बंद कर सभी संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग शुरु कर दिए गए. एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को कांग्रेस को 90.21 करोड़ रुपए का ऋण चुकाना था, हालाँकि इसे कांग्रेस ने वसूली योग्य नहीं माना और इसे 50 लाख रुपए में एक नई कंपनी यंग इंडियन को बेच दिया, जिसके पास 50 लाख रुपए भी नहीं थे. यानी एसोसिएटेड जर्नल्स के शेयरधारकों से धोखाधड़ी हुई. ईडी की जाँच में सामने आया कि इस लोन के बाद यंग इंडियन ने एसोसिएटेड जर्नल्स से शेय मांग लिए. एजीएम में शेयर पूँजी बढ़ाने के प्रस्ताव के साथ यंग इंडियन के लिए लोन के बदले नए शेयर जारी करने का प्रस्ताव पास कराया गया जिससे एसोसिएटेड जर्नल्स के असली शेयर धारकों की भागीदारी 1 प्रतिशत रह गई और एसोसिएटेड जर्नल्स यंग इंडियन की सहायक कंपनी बन कर रह गई. संपत्तियों पर भी यंग इंडियन का कब्जा हो गया यानी महज 50 लाख रुपए की यंग इंडियन करोड़ों की संपत्ति वाली कंपनी की मालिक बन गई. इसी बात का जवाब यंग इंडियन के मालिकों में से दो राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी से ईडी पूछती रही है. ईडी इस पूरे मामले को 2000 करोड़ रुपए से अधिक की गड़बड़ मानकर जांच कर रही है.