February 24, 2024
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Owaisi पर भड़काने की धारा क्यों नहीं

असदुद्दीन ओवैसी जिस अंदाज में पिछले दिनों भाषण दे रहे हैं वह साफ साफ भड़काने वाला अंदाज है लेकिन कमाल यह है कि उन पर भड़काने का कोई मुकदमा अब तक तो नहीं हुआ है. जैसे जैसे राम मंदिर उद्घाटन का समय करीब आता जा रहा है वैसे वैसे ओवैसी के बोल तीखे होते जा रहे हैं और वे युवकों को भड़काते हुए कह रहे हैं कि जिस मस्जिद में हमने पांच सौ साल कुरान का जिक्र किया आज वही हमारे पास नहीं है, नौजवानों क्या इस बात से तुमको परेशानी नहीं होती. भाषण देते हुए वे इस बात की पूरी सावधानी रखते हैँं कि सीधे राम मंदिर का जिक्र न करें लेकिन पांच सौ साल से वे कहां कुरान का जिक्र कर रहे थे इस संकेत को साफ करने से भी वे नहीं चूक रहे हैं. वे बार बार कह रहे हैं कि हमें अपनी मस्जिदों को इसलिए आबाद रखना चाहिए ताकि उन्हें छीन न लिया जाए, यहां छीन लेना शब्द पर गौर कीजिए. साफ है कि जिक्र अयोध्या का है और यदि मसला है तो यह भी साफ है कि पूरी और एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बाकायदा फैसले से मंदिर के लिए राह खुली है और ऐसे में इसे छीन लेना जैसे शब्द कहना भी भड़काने की ही श्रेणी में आता है लेकिन ओवैसी बंधुओं को तो मानो खुली छूट मिली हुई है कि वे चाहे जैसी ध्मकी दें या कानूनी फैसले के खिलाफ भी लोगों को भड़काएं, उन पर कार्रवाई होती नजर नहीं आती है.