February 23, 2024
देश दुनिया

Bill और मूर्ति के बीच युवा

अपने ताजा इंटरव्यू में बिल गेट्स ने कह दिया है कि सप्ताह में तीन दिन भी काम किया जाए तो पर्याप्त होगा क्योंकि बाकी का काम करने में एआई मददगार हो सकता है, यह तो हुआ बिल गेट्स का पक्ष दूसरी तरफ पिछले दिनों एक इंटरव्यू में नारायणमूर्ति ने कहा कि देश के युवाओं को कम से कम सप्ताह में सत्तर घंअे काम करने की आदत डालनी चाहिए. जब मूर्ति यह कह रहे थे तब भी लोगों की भौंहें चढ़ रही थीं और अब जबकि बिल गेट्स उनसे ठीक उलट कह रहे हैं तब भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एआई पर इतना भरोसा किया जाना चाहिए कि इंसान सिर्फ सप्ताह में तीन दिन काम करे तो भी काम चल जाएगा.दरअसल दोनों के कहने में अतिशयोक्ति नजर आती है जहां मूर्ति का हिसाब लोगों का सामाजिक और बाकी स्तर के भी ताने बाने को बिगाड़ सकता है वहीं बिल का भी हिसाब संतुलन की कसौटी पर कम से कम अभी तो खरा नहीं उतरता है. माना कि बिल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संदर्भ में बात कर रहे थे और भविष्य में वाकई यह संभव हो सकता हे कि इंसानी दखल की कम से कम जरुरत पड़े लेकिन अभी वह हालत तो नहीं आई है हां यह निकट भविष्य हो सकता है. दरअसल मूर्ति और बिल के बीच का रास्ता ज्यादा सही नजर आता है जहां युवाओं पर हर महीने लगभग तीन सौ घंटे काम करने का दबाव भी न हो लेकिन एआई के भरोसे इतना भी न हो जाएं कि काम के घंटे हर महीने सौ से भी कम पर उतर आएं.