February 24, 2024
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Javed अख्तर बताएं ऐसा कैसा पब्लिक इंटरेस्ट

जावेद अख्तर और शबनम हाशमी की लगाई हुई एक जनहित याचका पर सरकार की तरफ से सवाल उठाया गया कि आखिर यह कैसा पब्लिक इंटरेस्ट है जिसमें सिर्फ एक राज्य के सिर्फ एक खास कालखंड में हुए एनकाउंटर का हिसाब मांगा जा रहा है. दरअसल बीजी वर्गीस, शबनम हाश्मी और जावेद अख्तर की ओर से 2997 में एक याचिका लगाई गई थी जिसमें पूछा गया था कि 2002 से 2006 के बीच गुजरात पुलिस द्वारा हुए एनकाउंटर के बारे में बताया जाए. वर्गीस की मृत्यु हो जाने के बाद यह याचिका शबनम और जावेद अख्तर की ही बची है इसलिए अब सवाल उनसे ही पूछे जा रहे हैं कि पूरे देश की बात करने के बजाए सिर्फ एक राज्य और उसके भी एक कालखंड की ही बात पूछी जा रही है. गुजरात की ओर से खड़े हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पूछा कि यह किस तरह का पब्लिक इंटरेस्ट है जिसमें सारी जनता की बजाए किसी खास मकसद से सवाल उठाए जा रहे हैं. याचिकाकर्ताओं को बताना चाहिए कि उनकी इस याचका में व्यापक जनहित कैसे जुड़ा हुआ है.