February 23, 2024
साहित्य

Hindi Poem betiyan

जन्म लेती रहे बेटियां
स्मृति आदित्य

मुझे अच्छी लगती हैं
दूसरे या तीसरे नंबर की वे बेटियां
जो बेटों के इंतजार में जन्म लेती है….
और जाने कितने बेटों को पीछे कर आगे बढ़ जाती है,
बिना किसी से कोई उम्मीद या अपेक्षा किए

क्या कहीं किसी घर में
बेटी के इंतजार में जन्मे
बेटे कर पाते हैं यह कमाल….
अगर नहीं
तो चाहती हूं कि
हर बार बेटों के इंतजार में
जन्म लेती रहें बेटियां…
पोंछ कर अपने चेहरे से
छलकता तमाम
अपराध बोध…
आगे बढ़ती रहे बेटियां…
बार-बार जन्म लेती रहे बेटियां