April 25, 2024
ज्योतिष एस्ट्रोदर्शन

मस्तिष्क रेखा को ऐसे समझें

काफी पुरानी मान्यता है कि हमें सुबह उठते ही हमें अपने हाथों क दर्शन करने चाहिए और इसके लिए ‘;कराग्रे वसते लक्ष्मी, कर मध्ये सरस्वती, कर मूले तु गोविंद प्रभाते कर दर्शनम ‘ मंत्र भी निर्धारित है. इसे यूं समझें कि मस्तिष्क के सारे आदेश एवं निर्देशों का पालन हाथ ही करता है और शरीर की हर प्रक्रिया को मस्तिष्क सम्भालता है यानी दोनों एक दूसरे के पूरक के रूप में काम करते हैं. मस्तिष्क और हाथ का यह संबंध है। प्रारब्ध और कर्म के साथ जैसा ही होता है. यही वजह है कि व्यक्ति की क्षमताओं की जांच मस्तिष्क रेखा देखकर की जा सकती है. यदि आप हाथ में मौजूद मस्तिष्क रेखा और मस्तक पर मौजूद रेखाओं को पढ़ना जानते हैं तो आप किसी के भी बारे में सटीक जानकारी पता कर सकते हैं. यहां तक कि व्यक्ति के स्वभाव के बारे में भी बताया जा सकता है. इसे ऐसे समझा जा सकता है. जिसकी मस्तिष्क रेखा जीवन रेखा से जुड़ती है वह व्यक्ति संवेदनशील होता है. यह रेखा झुकाव लिए हो तो व्यक्ति बुद्धिमान होता है.यह रेखा बीच में टूटी हो तो व्यक्ति को दुर्घटना का सामना करना पड़ता है या स्मरण शक्ति भी प्रभावित होती है. जीवन रेखा के पास हो तो व्यक्ति तीख्ण बुद्धि का होगा. दोहरी मस्तिष्क रेखा हो तो व्यक्ति की मानसिकता दो धाराओं में विभाजित होती है.