सरकार का राज्यों को निर्देश- सड़क और रेल पटरी पर ना चलें मजदूर, रहने-खाने का हो इंतजाम

सरकार का राज्यों को निर्देश- सड़क और रेल पटरी पर ना चलें मजदूर, रहने-खाने का हो इंतजाम

गृह सचिव की ओर से लिखे गए लेटर में सड़कों और रेलवे पटरियों पर चल रहे प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर जोर दिया गया है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि अगर प्रवासी मजदूर सड़क या रेल पटरी पर पैदल चलते पाए जाते हैं तो उन्हें समझाया जाए.

कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण संकट से गुजर रहे प्रवासी मजदूरों का हजारों किलोमीटर पैदल ही अपने घर की ओर जाना जारी है. गृह मंत्रालय ने अब इन्हीं प्रवासी मजदूरों को लेकर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लेटर लिखा है. पत्र में कहा गया कि सड़क और रेल ट्रैक पर मजदूरों की आवाजाही नहीं हो. उन्हें विशेष बस या श्रमिक ट्रेन की सुविधा दी जाए और उनके राज्य तक पहुंचाया जाए.

गृह सचिव अजय भल्ला की ओर से लिखे गए लेटर में सड़कों और रेलवे पटरियों पर चल रहे प्रवासी मजदूरों की स्थिति पर जोर दिया गया है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि अगर प्रवासी मजदूर सड़क या रेल पटरी पर पैदल चलते पाए जाते हैं तो उन्हें समझाया जाए. उन्हें आस-पास के शेल्टर होम में ले जाया जाना चाहिए और खाना, पानी दिया जाना चाहिए.

ये सुविधा उनको तब तक दी जाए जब तक कि उन्हें उनके राज्य जाने के लिए श्रमिक ट्रेन नहीं मिल जाती. बता दें कि देश के विभिन्न हिस्सों में अभी भी सड़कों, रेलवे पटरियों पर प्रवासी श्रमिकों की आवाजाही देखी जा रही है. बता दें कि सरकार की ओर से प्रवासी मजदूरों के लिए एक स्पेशल श्रमिक ट्रेन चलाई जा रही है, जो उन्हें उनके गृह राज्य ले जाती है.

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