एन्टोनी डिसा को हटाने के विरोध में उतरे प्रदेशभर के रेरा अधिवक्ता

एन्टोनी डिसा को हटाने के विरोध में उतरे प्रदेशभर के रेरा अधिवक्ता

रेरा अधिवक्ता एसोसिएशन के प्रदेशभर के अधिवक्ता एन्टोनी डिसा को भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष पद से हटाने के विरोध में उतर आए हैं। विरोध की शुरूआत मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से लेकर तमाम वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन देने से हो गई है। अब इस मामले में जनहित याचिका लगाने की तैयारी चल रही है।

म. प्र. भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष पद पर नियुक्त होते ही एन्टोनी डिसा सुर्खियों में आ गए थे। वे देश में इस प्राधिकरण के पहले अध्यक्ष बने। उन्हीं के मार्गदर्शन मे प्रदेशभर में करीब 3 हजार प्रोजेक्ट रजिस्ट्रर्ड किए गए। उनकी नियुक्ति पाॅच साल के लिए हुई थी लेकिन शासन ने एक साल पहले ही अचानक उन्हें पद से हटा दिया है। शासन के इस एक्सन का रेरा प्राधिकरण के साथ ही प्रदेशभर के रेरा अधिवक्ताओं में री-एक्शन शुरू हो गया है। रेरा अधिवक्ता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष मोदी के मुताबिक प्राधिकरण में अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल के संबंध में भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 23 में प्रावधान रखे गए हैं। रेरा अधिवक्ता आशिफ खान, हितेन्द्र त्रिपाठी, कृष्णा शर्मा, श्याम तवर के अनुसार अधिनियम की धारा 26 के अनुसार उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया बताई गई है। इनके मुताबिक न तो एन्टोनी डिसा का कार्यकाल पूरा हुआ है और न ही उन पर किसी प्रकार का आरोप लगाया गया है। इसीलिए सरकार के पास उन्हें हटाने की कोई ठोस वजह तक नहीं है। बावजूद इसके अचानक ही उनका कार्यकाल समाप्त कर दिया गया है जो इस एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है। इन्हीं प्रावधानों का हवाला देकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कोरोना संक्रमण काल में तय की गई गाइड लाइन का पालन करते हुए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से शिकायत की है। यह शिकायत नगरीय प्रशासन के मंत्री से लेकर सचिव तक हर अधिकारी को भी भेजी गई है। साथ ही हाईकोर्ट जबलपुर के रजिस्ट्रार जनरल को भी इसकी प्रति भेजी गई है। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं द्वारा की गई इस शिकायत पर विचार करने का आश्वासन दिया है। इस शिकायत के साथ ही रेरा अधिवक्ता एसोसिएशन जल्द ही हाईकोर्ट में शासन के इस फैसले को लेकर जनहित याचिका लगाने की तैयारी भी कर रहा है। ज्ञापन देने मे श्री महेश लाठी, प्रविण शर्मा, अनिरूद्ध मालपानी, अजय पठारीया आदि शामिल हुए।

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