कैसे हिंसा का केंद्र बन गई उत्तर पूर्वी दिल्ली CAA के खिलाफ

कैसे हिंसा का केंद्र बन गई उत्तर पूर्वी दिल्ली CAA के खिलाफ

नागरिकता संशोधन कानून ( CAA) को लेकर बीते तीन दिनों से उत्तर पूर्वी दिल्ली सुलग रही है और हिंसा में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में उपद्रव करने और हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक 106 लोगों को गिरफ्तार किया है और 18 एफआईआर दर्ज की गई हैं

दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने हिंसा के बाद बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई जारी है. प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है. ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है. उन्होंने कहा कि जिनके छतों पर पत्थर दिखे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने भी मोर्चा संभाला और बुधवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित क्षेत्र मौजपुर, जाफराबाद और घोंडा का दौरा किया. NSA ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील के साथ ही उन्हें भरोसा भी दिलाया कि उनकी सुरक्षा में दिल्ली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और जो भी इस हिंसा के दोषी है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी

हिंसा प्रभावित दौरे के बाद NSA अजीत डोभाल  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को हालात की जानकारी दी. अमित शाह और अजीत डोभाल के बीच हुई बैठक करीब 2 घंटे चली. इसमें गृह सचिव और दिल्ली पुलिस के कमिश्नर भी मौजूद रहे. इस मुलाकात में अजीत डोभाल ने सिलसिलेवार तरीके से हिंसाग्रस्त इलाकों की जानकारी गृह मंत्री को दी. साथ ही गृह मंत्री को यह भी बताया कि दिल्ली में हालात अब तेजी से सामान्य हो रहे हैं और शांति की स्थिति है

इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी बुधवार को दिल्ली में हुई भारी हिंसा के मामले में पुलिस को नेताओं के भड़काऊ बयान के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस सभी भड़काऊ क्लिपिंग की समीक्षा करे और इसके संबंध में गुरुवार तक अदालत को रिपोर्ट करे

अदालत ने विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीर रंजन से कहा, “यह अदालत की व्यथा है और हम चाहते हैं कि आप इसे पुलिस आयुक्त को बताएं. आपको बैठकर एक निर्णय लेना चाहिए. कल वापस आकर हमें बताएं.” जस्टिस एस. मुरलीधर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़काने के लिए स्वतंत्र जांच, मृतकों के लिए मुआवजे और प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की गिरफ्तारी की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे

वहीं उत्तर पूर्वी दिल्ली में जारी हिंसा पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आधुनिक दिल्ली लाशों की नींव के ऊपर नहीं बन सकती. उन्होंने कहा, ‘अब नफरत की राजनीति बर्दाशत नहीं की जाएगी, दंगों की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस दंगे में हिंदू-मुस्लिम हर कोई मारा जा रहा है.

ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिरकार बीते 70 दिनों से भी ज्यादा समय से दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में अचानक शनिवार को हिंसा कैसे शुरू हो गई.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में इस घटनाक्रम की शुरुआत शनिवार रात से हुई, जब CAA के विरोध में कुछ महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और मेट्रो स्टेशन के नीचे बैठकर धरना देने लगीं.  उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे CAA के विरोध में धीरे-धीरे महिलाओं की भीड़ जुटनी शुरू हुई. महिलाओं ने स्टेशन के नीचे एक तरफ की सड़क को जाम कर दिया और विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया

जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे की सड़क बंद हो जाने से ट्रैफिक की आवाजाही पर असर पड़ा जिससे लोगों की मुश्किलों का सामना करना पड़ा. हालात को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खोलने को कहा. पुलिस ने कहा कि उन्हें राजघाट तक मार्च करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है

इस बीच बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने 23 फरवरी दोपहर को ट्वीट कर लोगों से सीएए के समर्थन में मौजपुर चौक पर जमा होने की अपील की. सीएए समर्थकों की भीड़ के बीच कपिल मिश्रा ने भड़काऊ भाषण दिया. पुलिस को 3 दिन के भीतर सड़क खुलवाने का अल्टीमेटम दिया.

मौजपुर चौक पर बाबरपुर (श्मशान वाली गली) इलाके प्रदर्शनकारियों ने सीएए समर्थकों पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए. मौजपुर, मौजपुर चौक, करावल नगर, बाबरपुर और चांद बाग इलाके में हिंसा और बवाल शुरू हो गया. पुलिस ने लाठी चार्ज किया, अर्द्धसैनिक बलों को बुलाया गया

कुछ देर के लिए शांति रही, लेकिन थोड़ी देर बाद हिंसा फिर भड़क उठी. करावल नगर, मौजपुर, बाबरपुर और चांदबाग के इलाके में उपद्रवी फिर आपस में भिड़ गए. उपद्रवियों ने कई वाहनों  और दुकानों को आग के हवाले कर दिया.

23 फरवरी की रात पुलिस ने हालात पर काबू पाने का दावा किया. लेकिन 24 फरवरी की सुबह 10 बजे सीएए समर्थक प्रदर्शन करते हुए सीएए विरोधियों के नजदीक पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे. CAA समर्थकों ने जाफराबाद से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग की.

दोपहर होते-होते बाबरपुर इलाके में पत्थरबाजी शुरू हो गई. नकाब पहने और हाथ में तलवार लहराते हुए उपद्रवी सड़कों पर उतर आए. पैरा मिलिट्री फोर्सेज को बुलाया गया, आंसू गैस के गोले दागे गए, लेकिन महिलाओं ने पानी से भरी बाल्टी फेंक कर आंसू गैस के असर को कम कर दिया. करावल नगर, शेरपुर चौक और गोकुलपुरी में भी हिंसा हुई. पुलिस ने लाठी चार्ज किया. कर्दमपुरी में जबर्दस्त पत्थरबाजी की घटना हुई

भजनपुरा में बस समेत कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. पेट्रोल पंप में भी आग लगा दी गई. हिंसा में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई जबकि डीसीपी घायल हो गए. कर्दमपुरी में उपद्रवियों और अर्द्धसैनिक बलों के बीच झड़प हुई. सुबह से शुरू हुआ हिंसा का दौर रुक-रुक कर रात तक चलता रहा. गोकलपुरी इलाके में टायर मार्केट को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया.टायर की दुकानें धू-धू कर जलने लगीं. बगल में स्थित स्कूलों को भी नुकसान पहुंचा.

सुबह से शुरू हुआ हिंसा का दौर रुक-रुक कर रात तक चलता रहा. गोकलपुरी इलाके में टायर मार्केट को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया.टायर की दुकानें धू-धू कर जलने लगीं. बगल में स्थित स्कूलों को भी नुकसान पहुंचा.

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