कोरोनावायरस : 29 देशों में असर, 1870 मौतें; चीन ने 90 हजार करोड़ रु. खर्च किए

कोरोनावायरस : 29 देशों में असर, 1870 मौतें; चीन ने 90 हजार करोड़ रु. खर्च किए

चीन से दुनियाभर में फैले कोरोनावायरस की पहली खबर बीते साल 31 दिसंबर को सामने आई थी। 50 दिनों में 29 देश इसकी चपेट में आ चुके हैं। 1870 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। 70 हजार से ज्यादा संक्रमित हैं। चीन समेत दुनियाभर के देश इस समस्या से निपटने में जुटे हैं, इससे मामलों में कमी भी आई है। सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) और मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (मर्स) से भी यह वायरस खतरनाक हो गया है। इसकी कोई वैक्सीन नहीं है। डब्ल्यूएचओ ने दावा किया है कि वायरस अप्रैल तक प्रभावी रहेगा।

  • सार्स और मर्स कोरोनावायरस परिवार से ही हैं। सार्स से 2002-03 में दुनियाभर में 750 लोगों की मौत हुई थी।
  • मर्स का पहला मामला 2012 में सामने आया था। इससे दुनियाभर में करीब 500 लोग मारे गए थे। मिडिल ईस्ट देशों में सबसे ज्यादा असर देखा गया था।

चीन में अज्ञात कारणों से होने वाले निमोनिया के मामले सामने आए। शोधकर्ताओं ने बताया कि इस बीमारी के पीछे नया वायरस है। 11 जनवरी को पहली मौत, एशिया में दर्जनों लोग कोरोनावायरस की चपेट में आए।

वुहान के सी-फूड बाजार से यह फैला। जापान, कोरिया और थाईलैंड भी पहुंचा। 21 जनवरी को अमेरिका ने भी पुष्टि की। चीन के वुहान शहर को सीलबंद किया। बस, ट्रेन, उड़ानें बैन। 17 मौतें, 570 संक्रमित।

30 जनवरी को डब्ल्यूएचओ ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी। दुनियाभर के देशों ने चीन जाने वाली उड़ानें रोकीं। 2 फरवरी को चीन से बाहर फिलीपींस में पहली मौत। मौत का आंकड़ा 360 पर पहुंचा।

7 फरवरी को वायरस के प्रति अलर्ट करने वाले डॉक्टर ली वेनलियांग की मौत, चीन पर मामला दबाने के आरोप लगे। 10 फरवरी को 908 मौतें, सार्स (771) से ज्यादा। 40 हजार संक्रमित।

11 फरवरी को इसका नाम कोविड-19 रखा गया। अमेरिकी नागरिक की मौत, संख्या 1016 हुई। कम्युनिस्ट पार्टी ने हुबेई प्रांत और वुहान के शीर्ष अफसरों को हटा दिया। 

16 फरवरी को चीन में 76 करोड़ से ज्यादा लोग घरों में बंद। अस्पताल नहीं जा सके। वॉलेंटियर्स नजर रखते रहे। 1665 मौतें, 70 हजार से ज्यादा लोग चपेट में आए।

चीन ने कोविड-19 का पता लगाने के लिए नई टेस्ट किट बनाई है। इसमें एक बूंद खून लेकर टेस्टिंग होती है। सिर्फ 15 मिनट में नतीजे आ जाते हैं। चीन ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए अब तक 90 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

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