21 हजार करोड़ रु के सैन्य उपकरण खरीदने का भारत-अमेरिका के बीच करार

21 हजार करोड़ रु के सैन्य उपकरण खरीदने का भारत-अमेरिका के बीच करार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच मंगलवार को हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया। मोदी ने कहा- दोनों देशों के बीच 3 साल में व्यापार में डबल डिजिट में बढ़ोतरी हुई है। द्विपक्षीय व्यापार के संबंध में भी दोनों देशों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई। हम एक बड़ी ट्रेड डील पर भी सहमत हुए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम निकलेंगे। वहीं, ट्रम्प ने कहा- मोदी के साथ बातचीत में 21.5 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदे को मंजूरी दी गई है। साथ ही हम दोनों देश आतंकवाद को खत्म करने के लिए काम करेंगे। पाकिस्तान पर इसके लिए दबाव भी बनाएंगे। 

मोदी ने कहा- इस बात की खुशी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सपरिवार यहां आए। पिछले 8 महीनों में उनसे यह पांचवीं मुलाकात है। अमेरिका-भारत के संबंध सिर्फ दो सरकारों के बीच नहीं, पीपुल सेंट्रिक है। यह 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण स्थिति में हैं। संबंधों को इस मुकाम तक लाने में ट्रम्प का अमूल्य योगदान है। वहीं, ट्रम्प ने कहा- बीते 2 दिन शानदार रहे। खासकर कल मोटेरा स्टेडियम में। यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। वहां सवा लाख लोग थे। वे मोदी को बहुत प्यार करते हैं। मैंने जब मोदी का नाम लिया तो वे खुशी से चिल्लाने लगे। भारतीयों की मेहमाननवाजी याद रहेगी। मोदी यहां बेहतरीन काम कर रहे हैं। गांधीजी के आश्रम में हमें खास अनुभूति हुई।

भारत-अमेरिका आतंकवाद खत्म करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाएंगे

  • हम एक बड़ी ट्रेड डील शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इसके सकारात्मक परिणाम निकलेंगे। दोनों देश कनेक्टिविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी सहमत हैं। यह एक-दूसरे के ही नहीं, बल्कि दुनिया के हित में है।
  • रक्षा, तकनीक, ग्लोबल कनेक्टिविटी, ट्रेड और पीपुल टू पीपुल टाईअप पर दोनों देशों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। पिछले कुछ सालों में हमारी सेनाओं के संयुक्त युद्धाभ्यास में इजाफा हुआ है। आज होमलैंड में हुए समझौते से इसे बल मिलेगा।
  • हमने आज आतंकवाद के खिलाफ प्रयासों को और बढ़ाने का भी फैसला किया है। हमने ड्रग्स और नार्कोटिक्स रोकने के लिए भी बात की है। तेल और गैस के लिए भारत के लिए अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। फ्यूल हो या न्यूक्लियर एनर्जी, हमें नई ऊर्जा मिल रही है।

सी-हॉक हेलिकॉप्टर्स खरीदने का करार खास 

  • मोदी और ट्रम्प के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में भारत-अमेरिका के बीच हुए 6 करार में 21 हजार करोड़ रुपए के रक्षा सौदे सबसे अहम हैं। अहमदाबाद के ‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद इसका ऐलान किया था। इसके अलावा भारत-अमेरिका के बीच परमाणु रिएक्टर से जुड़ा करार भी अहम है। इसके तहत अमेरिका भारत को 6 रिएक्टर सप्लाई करेगा। –
  • अमेरिका से सी-हॉक हेलिकॉप्टटरों को खरीदने की चर्चा लंबे समय से जारी थी। रक्षा सौदों में से इस पर करीब 18,626 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं। नौसेना को 24 सी-हॉक हेलिकाप्टरों की जरूरत है। ये हेलिकॉप्टर हर मौसम में और दिन के किसी भी वक्त हमला करने में सक्षम हैं। चौथी जनरेशन का यह हेलिकॉप्टर छिपी हुई पनडुब्बियों को निशाना बना सकता है। 
  • इस सौदे के अलावा भारत अमेरिका से 800 मिलियन डॉलर के 6 एएच-64ई अपाचे हेलिकॉप्टर्स भी खरीद सकता है। इसके साथ ही भारत को अमेरिका मिसाइल डिफेंस शील्ड भी बेचने की कोशिश कर रहा है, ताकि वह रूस की एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भारत में आने से रोक सके।

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