किसान आंदोलन का 30वां दिन:सरकार की नई चिट्ठी पर किसान आज फैसला ले सकते हैं, हरियाणा में 3 दिन तक टोल फ्री करेंगे


कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को आज एक महीना हो गया है। सरकार से बातचीत के न्योते की नई चिट्ठी पर किसान आज फैसला ले सकते हैं। सरकार की तरफ से गुरुवार को चिट्ठी लिखी गई थी। इसमें कहा कि किसान नेता बातचीत के लिए तारीख और समय तय कर बताएं। लेकिन, मांगें पूरी नहीं होते देख किसानों ने विरोध तेज कर दिया है। हरियाणा में 3 दिन तक टोल फ्री करेंगे।

8 दिन में सरकार ने किसानों को तीसरी चिट्‌ठी लिखी है। इसमें लिखा है कि तीनों कानूनों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस पर लिखित भरोसा देने को तैयार हैं, लेकिन इस बारे में कृषि कानूनों से अलग नई मांग रखना ठीक नहीं।

अपडेट्स

  • वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि सरकार किसानों से बात करने और उनकी शंकाएं दूर करने के लिए तैयार है। बातचीत से ही हल निकल सकता है।
  • पुलिस ने दिल्ली-गाजियाबाद को जोड़ने वाले चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर बंद कर रखे हैं। उधर, सिंघु बॉर्डर से आगे NH-44 शनिवार से ट्रैफिक के लिए बंद रहेगा।

किसान बोले- सरकार गोलमोल बातें कर उलझा रही
भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सरकार अभी भी गोलमोल बातें कर उलझा रही है। वह किसानों को दो फाड़ करने के लिए अलग-अलग मीटिंग करना चाहती है, जो हमें मंजूर नहीं। कोई ठोस फैसला न होने पर देशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

कई जगह जियो टावरों की बिजली काटी
मांगें पूरी नहीं होती देख किसानों ने मलोट, संगरूर, फिरोजपुर, मोगा, पट्‌टी, छेहरटा समेत कई जगहों पर गुरुवार को रिलायंस जियो के टावरों के बिजली कनेक्शन काट दिए। हरियाणा में सिरसा के गांव गदराना में भी टावर की बिजली काटी गई। वहां पुलिस पहुंची, लेकिन कनेक्शन बहाल नहीं करा पाई। वहीं, जींद के उचाना में डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला के लिए बने हेलीपैड को किसानों ने उखाड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने वहां पर काले झंडे लगा दिए। विरोध को देखते हुए डिप्टी CM का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।

मोदी आज 6 राज्यों के किसानों से बात करेंगे
आज अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती है। इस मौके पर सरकार 9 करोड़ किसानों के खातों में PM किसान सम्मान निधि के 18 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर करेगी। इस वर्चुअल इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुड़ेंगे। वे 6 राज्यों के किसानों से भी बात करेंगे और कृषि कानूनों के फायदे बताएंगे। उधर, भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) ने कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगा दी। भाकियू (भानु) गुट पहले ही सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ हो सकती है।

किसानों के मुद्दे पर 7 अमेरिकी सांसदों ने लेटर लिखा
अमेरिका के 7 सांसदों ने विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को लेटर लिखा है। इनमें भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल भी शामिल हैं। पत्र में पोम्पियो से अपील की गई है कि वे किसान आंदोलन के मुद्दे पर भारत सरकार से बातचीत करें। चिट्ठी में लिखा है कि किसान आंदोलन की वजह से कई भारतीय-अमेरिकी प्रभावित हो रहे हैं। उनके रिश्तेदार पंजाब या भारत के दूसरे राज्यों में रहते हैं। इसलिए आप अपने भारतीय समकक्ष (विदेश मंत्री एस जयशंकर) के सामने यह मुद्दा उठाएं।


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