दिल्ली में सीलिंग को लेकर हुआ बड़ा फैसला, केन्द्र सरकार ने कही यह अहम बात…


दिल्ली में सीलिंग (Sealing in delhi) से परेशान 3 लाख कारोबारियों और उनके 10 लाख कर्मचारियों को केन्द्र सरकार के एक फैसले ने बड़ी राहत दी है.

नई दिल्ली. कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक दिल्ली में सीलिंग (Sealing in delhi) से 3 लाख लोग सीधे तौर पर परेशान हैं. वहीं 10 लाख लोग ऐसे हैं जो सीलिंग की जद में आने वाले दुकान और शोरुम में काम करते हैं. लेकिन केन्द्र सरकार के एक फैसले ने 3 लाख कारोबारियों और उनके 10 लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. दिल्ली में सीलिंग के संबंध में बना नैशनल कैपिटल टेरिटॉरी क़ानून अभी जारी रहेगा. केन्द्रीय मंत्रिमंडल (Central Ministry) ने यह फैसला लिया है. ज़ल्द ही इस संबंध में एक नोटिफिकेशन भी जारी हो जाएगा. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने यह जानकारी दी है.

3 लाख व्यापारियों को दुकान टूटने से मिली राहत

कैट के प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली के व्यापारियों को सीलिंग और तोड़फोड़ से बचाने के लिए के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (विशेष प्रावधान) क़ानून को तीन साल के लिए और लागू रखने का फैसला किया है. जल्द ही राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो कर यह क़ानून एक ऑर्डिनेन्स के ज़रिए लागू हो जाएगा. कैट ने इसके लिए

पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी का आभार व्यक्त किया है. साथ ही कहा है कि इस क़ानून के जारी रहने से दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे लगभग 3 लाख से अधिक व्यापारी और 10 लाख से अधिक काम करने वाले कर्मचारी बेरोज़गार होने से बचेंगे. कैट ने अपील करते हुए कहा है कि दिल्ली के लोगों को सीलिंग से स्थायी राहत के लिए एमनेस्टी स्कीम क़ी घोषणा की जाए.

इस फैसले से इन्हें भी मिलेगी राहत

कैट के प्रवीन खंडेलवाल के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून अधिनियम पहली बार 2011 में लागू किया गया था, जिसे मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2017 तक बढ़ा दिया गया था. अब इसकी मियाद 31 दिसंबर 2020 को ख़त्म हो रही थी.

यह अधिनियम अतिक्रमण के चलते सीलिंग के कहर से झुग्गी-झोपड़ियों, अनधिकृत कॉलोनियों, गाँव आबदी क्षेत्र (शहरी गाँवों सहित), फार्म हाउस और उनके द्वारा किया गया अनैतिक निर्माण, स्कूल, औषधालय, धार्मिक संस्थाएं, सांस्कृतिक संस्थाएं, कृषि भूमि पर निर्मित गोडाउन, डेयरी और पोल्ट्री फार्म को सीलिंग से राहत देता है.


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